February 11, 2026

खरगोन पुलिस की अद्भुत अविश्वसनीय और अदम्य साहसिक कार्यवाही ने मासूम की बचाई जान, 22 दिन बाद घर लौटा अपहृत मासूम; जानिए पूरी कहानी…..!!!

भोपाल: 6 जनवरी 2026

तंत्र-मंत्र और काला जादू के लिए अपहृत छह वर्षीय बालक को खरगोन पुलिस ने 22 दिन बाद सुरक्षित बरामद कर लिया। समन्वित पुलिसिंग, संवेदनशीलता और सतत प्रयास से बड़ी अनहोनी टल गई। इस सफलता पर पुलिस कर्मियों का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान एक दृश्य ऐसा भी था, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। समारोह के दौरान ही पुलिस अधिकारी, जवान और मासूम बच्चा भी खुशी में नाच उठे। खरगोन जिले की पुलिस ने यह साबित कर दिया कि संवेदनशीलता और सतत प्रयास से असंभव भी संभव हो सकता है।

एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल ने बताया कि अपहरण के तीन दिन बाद ही मासूम की तांत्रिक क्रियाओं के लिए बलि दी जानी थी, लेकिन बच्चे को चिकन पॉक्स हो गया और इसके बाद अपहरणकर्ता के परिवार में मृत्यु होने से सूतक लग गया। इन परिस्थितियों ने समय दिया और पुलिस ने उसी समय को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। इन 22 दिनों में जिले के सभी संबंधित थानों की पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र, संभावित ठिकानों और हर मानवीय पहलू पर लगातार काम किया। यह सफलता किसी एक अधिकारी या थाने की नहीं, बल्कि पूरे जिले की समन्वित पुलिसिंग का परिणाम रही।

मासूम की सकुशल बरामदगी के बाद बड़वाह नगर पालिका परिषद द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष राकेश गुप्ता, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी में एडिशनल एसपी शकुंतला रुहल, एसडीओपी अर्चना रावत सहित थाना प्रभारियों और जवानों को शाल-श्रीफल और पुष्पमालाएं भेंट कर सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के बाद जो दृश्य सामने आया, वह औपचारिक कार्यक्रमों से बिल्कुल अलग था। संगीत की धुन पर पुलिस अधिकारी और जवान खुशी से झूम उठे। और उनके बीच वह मासूम बच्चा भी मुस्कुराते हुए नाचने लगा, जिसकी जिंदगी कुछ दिन पहले संकट में थी। यह दृश्य पुलिस और समाज के बीच भरोसे के रिश्ते का प्रतीक बन गया।

यह घटना बताती है कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संकट में फंसे जीवन की सबसे बड़ी रक्षक भी है। खरगोन पुलिस की यह कार्रवाई अंधविश्वास के खिलाफ एक सशक्त संदेश है और संवेदनशील पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण भी।

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