भोपाल/ जबलपुर: 8 जनवरी 2024
भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के लिए दो मुद्दे निर्धारित किए हैं। एकलपीठ ने पक्षकारों को अपने गवाहों की सूची पेश करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 15 जनवरी को निर्धारित की है।
आरिफ मसूद के निर्वाचन को चुनौती देते हुए पराजित भाजपा प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि एसबीआई अशोकनगर शाखा से आरिफ मसूद और उनकी पत्नी के नाम लोन है, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने नामांकन पत्र में नहीं किया गया। सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हाईकोर्ट लोन संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। हाईकोर्ट ने तत्कालीन बैंक मैनेजर को गवाही तथा प्रति परीक्षण के लिए तलब किया गया था। तत्कालीन मैनेजर ने हाईकोर्ट को बताया, आरिफ मसूद तथा उनकी पत्नी सहित 40 खाता धारकों के नाम पर बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से एक गिरोह ने धोखाधड़ी से लोन स्वीकृत करवाए थे, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
बैंक मैनेजर ने अपने बयान में कहा था कि आरिफ मसूद तथा उनकी पत्नी के नाम पर लोन की प्रविष्टि बैंक रिकॉर्ड में नहीं है और खाते को एनपीए कर दिया गया है। बैंक मैनेजर ने बताया कि उन्हें भ्रमित कर उनसे रिकवरी लेटर पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। बैंक ने अधिकृत तौर पर कांग्रेस विधायक तथा उनकी पत्नी को रिकवरी लेटर जारी नहीं किया है।
आवेदन विधायक की तरफ से चुनाव याचिका पर सुनवाई बंद किए जाने का आवेदन पेश किया गया था। एकलपीठ ने आवेदन को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा था कि दस्तावेज फर्जी और कूटरचित नहीं है। दस्तावेज की गुण-दोष के आधार पर समीक्षा की जाएगी। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने चुनाव याचिका पर सुनवाई के लिए दो मुद्दे निर्धारित किए हैं। पहला मुद्दा यह है कि नामांकन पत्र में गलत जानकारी देना तथा दूसरा प्रमाणित मतदाता सूची पेश करना है।

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