भोपाल : 15 दिसंबर 2024
बैगा चित्रकला की पहचान रहीं उमरिया जिले की जनजातीय (बैगा) चित्रकार पद्मश्री श्रीमती जोधइया बाई का रविवार को निधन हो गया है। वे 86 वर्ष की थीं। उमरिया जिले के ग्राम लोधा निवासी श्रीमती जोधइया बाई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं।
उनके निधन पर जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डा कुंवर विजय शाह ने गहन दुःख व्यक्त किया है।
मंत्री डॉ. शाह ने कहा है कि श्रीमती जोधइया बाई का जीवन संघर्ष, प्रतिभा और समर्पण की मिसाल है। शिक्षा से वंचित होते हुए भी उन्होंने अपने अद्भुत हुनर से बैगा जनजाति की चित्रकला को देश और दुनिया में एक नई पहचान दिलाई। कला जगत में उनका योगदान अद्वितीय था। उन्होंने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सम्मान और राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान जैसे प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने मध्यप्रदेश और देश को गौरवान्वित किया।
मंत्री डा. शाह ने श्रीमती जोधइया बाई के शोक संतप्त परिजन और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने परमपिता परमेश्वर से आत्मा की शांति और परिजन को यह दुःख वहन करने का संबल देने की कामना की है।

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