जबलपुर
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जब प्रसिद्धि बढ़ रही थी। पंडोखर धाम के गुरुशरण शर्मा ने कुछ टिप्पणी की थी। वह कथित रूप से बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री की बखिया उधेड़ रहे थे। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब वाद विवाद हुआ था। इसके बाद गोटेगांव के याचिकाकर्ता अमीश तिवारी ने सात मई को पुलिस में शिकायत की थी। अपनी शिकायत में कहा था कि दतिया निवासी धर्मगुरु गुरुशरण शर्मा (पंडोखर सरकार) तमाम संतों के खिलाफ गलत टिप्पणी करते हैं।
बागेश्वर सरकार पर गलत टिप्पणी का आरोप
शिकायतकर्ता ने कहा था कि पंडोखर सरकार गुरुशरण महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और उनके परिवार के खिलाफ गलत टिप्पणी करते हैं। वह हमेशा गलत बात करते हैं। अमीश तिवारी की शिकायत पर कोई मामला दर्ज नहीं हुए तो शिकायतकर्ता हाईकोर्ट की शरण में पहुंचा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील पंकज दुबे ने कहा कि शिकायत मिलने के 14 दिन के अंदर तक पुलिस को जांच करनी होती है।
पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए
पुलिस ने ऐसा नहीं किया तो हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट में याचिका लगाने के बाद इस मामले में सुनवाई हुई है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नए कानून के तहत आदेश जारी कर दिए हैं। मामले में जस्टिस विशाल धगट ने सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच करे और संज्ञेय अपराध नहीं बनता है तो जानकारी शिकायतकर्ता को दें ताकि वह उचित फोरम में जा सके।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर महराज गुरुशरण शर्मा का अलग-अलग धाम है। दोनों अपने-अपने धामों पर पर्चा निकालते हैं। पर्चा के जरिए लोगों का अतीत बताते हैं। साथ ही भविष्य को लेकर सलाह देते हैं। बागेश्वर की प्रसिद्धि जब पंडोखर महाराज से ज्यादा बढ़ने लगी तो उन्होंने कई बार विवादित टिप्पणी की थी। यह उस समय काफी तूल पकड़ा था।

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