जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुये अंतरिम आदेश के जरिए वृद्ध दंपती के विरुद्ध अधीनस्थ अदालत में विचाराधीन तीन मुकदमों में दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। इसी के साथ राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, एसपी, कलेक्टर बुरहानपुर सहित अन्य को नोटिस जारी कर दिए। मामले में निजी पक्षकार पीयूष पिता संजय पाटनी, महेंद्र गांधी, कुमुद पत्नी संतोष पाटनी संजय कुमार पिता सुखानंद को भी नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देशित किया गया है। न्यायमूर्ति राजमोहन सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता बुरहानपुर निवासी सिम्मी पाटनी और जम्बू पाटनी ने अपना पक्ष स्वयं रखा। जबकि न्याय मित्र के रूप में अधिवक्ता रवींद्र गुप्ता खड़े हुए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली। साथ ही अंतरिम राहत दे दी।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता जम्बू पाटनी के पिता सुखानंद ने 1977 से यार्न का व्यापार शुरू किया था। पिता की मृत्यु के बाद भाई संतोष पाटनी ने व्यापार से बेदखलकर व्यापार और करोड़ों की संपत्ति हड़प ली। यहां तक कि पिता द्वारा उसके नाम से खरीदे गए मकान, जिसमें वह रहता था, उससे भी बाहर निकाल दिया। यही नहीं जम्बू व उसकी पत्नी सीम्मी के विरुद्ध घर में घुसकर मारपीट की एफआइआर दर्ज कराकर अदालत में मुकदमे चलवा दिए। जिसके बाद से दोनों दर-दर की ठोकरें खाने विवश हैं।
डेमोक्रेटिक लायर्स फोरम के सचिव अधिवक्ता रवींद्र गुप्ता ने उनके जबलपुर में जैन आश्रयालय में रहने-खाने की व्यवस्था कराई है। विशेष बात यह है कि याचिकाकर्ताओं ने बुरहानपुर कोर्ट के न्यायधीश गुरूवेंद्र कुमार हुरमडे के विरुद्ध हाई कोर्ट विजेलेंस में शिकायत की है।

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