रायपुर
धान के दो साल का जिस बोनस देने की बात राज्य में सरकार बनने से पहले भाजपा ने की थी अब उसकी विसंगति सामने आ गई है और किसान निराश होकर सोसाइटी से लौट रहे हैं क्योकि उन्हे बताया जा रहा है बकाया बोनस 14-15 एवं 15-16 का दिया जा रहा है,धान का बोनस किस साल का दिया जा रहा इसे स्पष्ट करते हुए श्वेत पत्र जारी किया जाना चाहिए।
नगर निगम के सभापति एवं कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता प्रमोद दुबे ने धान के बोनस का उचित हिस्सा 300 रुपए प्रति क्विंटल के भुगतान हेतु दिए जाने वाले वर्ष पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। प्रमोद दुबे ने कहा है कि जिन किसानों का पंजीयन सोसायटी में 2017 में हुआ है उसे भाजपा के घोषणा पत्र के मुताबिक बोनस मिलना चाहिए जिसे लौटा दे रहे है सोसायटी में बताया जा रहा है कि बोनस 14-15 एवं 15-16 का दिया जा रहा है, जबकि घोषणा पत्र एवं मोदी जी की गारंटी के तहत 16-17 व 17-18 के खरीफ फसल का बोनस दिये जाने की बात स्पष्ट है। अत: वे किसान जिन्होंने 2017 में पंजीयन कराया है, भाजपा के घोषणा पत्र के अनुरूप उन्हें बोनस की पात्रता है उन्हें लौटा कर घोषणा पत्र का अपमान किया जा रहा है। प्रमोद दुबे ते इस संबंध में भाजपा घोषणा पत्र की वास्तविकता पर प्रश्नचिन्ह न लगे इसलिए स्पष्ट करने की मांग की है कि 16-17 एवं 17-18 के खरीफ फसल का भुगतान करेंगे या नहीं ताकि किसान सोसायटी में जाने से बचें और उन्हे बेइज्जत न होना पड़े।

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