बिलासपुर
सिम्स की 2019 बैच की 40 महिला इंटर्न डाक्टरों ने मिलकर दस जुलाई को डीएमई के साथ बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की थी। इसमें उल्लेख था कि डाक्टर का हमारे प्रति आचरण ठीक नहीं है, वे बेड टच करते हुए हमेशा से छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देते आ रहे हैं। वहीं एक इंटर्न महिला डाक्टर का कहना था कि वे विशेष रूप से मुझे परेशान करते आ रहे थे, जिसका बार-बार विरोध करने के बाद डा. ओपी राज नहीं माने और मेरे साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देते आ रहे थे। अंतत: विवश होकर इसकी शिकायत करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
इसके बाद सिम्स प्रबंधन ने जांच टीम बनाई थी। इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्ष से ब्यान लिया गया है, लेकिन अभी तक इसकी सत्यता सामने नहीं है, ऐसे में अभी भी इस मामले में जांच चल रही है। यह बात भी सामने आई है कि इंटर्न महिला डाक्टरों पर दबाव बनाया जा रहा था कि वे मामले को तुल न दें। इससे सभी डरी हुई थीं और मामला दब गया था। अब इस मामले को डीएमई ने संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के बाद डीन ने उक्त डाक्टर का अंबिकापुर मेडिकल कालेज तबादला कर दिया है।
अभी भी बचाया जा रहा डाक्टर को
अंबिकापुर मेडिकल कालेज भेजकर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। जबकि उक्त डाक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, अभी भी डाक्टर को बचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि डीएमई का निर्देश है कि मामले की तह तक जांच की जाए और इसके बाद आरोप सिद्ध हो तो कड़ी कार्रवाई की जाए।

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