भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माँ क्षिप्रा के पावन स्नान का सौभाग्य सभी संतो और श्रद्धालुओं को वर्ष भर मिलना चाहिए। इसके लिए वर्षाकाल में क्षिप्रा नदी के मूल पानी को संचित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में वृहद परियोजना नियंत्रण मंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी में स्नान करने का विशेष धार्मिक महत्व है। सिंहस्थ के शुरू होने से पहले सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कराएं। उज्जैन के लोगों को पेयजल की आपूर्ति पूर्ण रूप से हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। विक्रम उद्योगपुरी में पानी की आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत की योजना बनाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन तथा नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी सिंचाई परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए जाने के लिए निर्मित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत 614 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से ग्राम सेवरखेड़ी में बांध बनाया जाएगा, जिसमें वर्षाकाल के क्षिप्रा नदी के जल का उद्वहन करके ग्राम सिलारखेड़ी में स्थित सिलारखेड़ी तालाब में संचित किया जाएगा। सिलारखेड़ी तालाब से संग्रहित जल को वर्षाकाल के बाद क्षिप्रा नदी में पुन: प्रवाहित किया जाएगा।

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