बीजापुर.
धोबीगुड़ा के जिस घर में रहकर आरक्षक देवेंद्र सेठिया के आने पर आसपास के साथ ही लोगों में खुशी की लहर देखी जाती थी। आज उसी घर में शनिवार की सुबह जैसे ही आरक्षक देवेंद्र का पार्थिव शरीर पहुंचा तो सभी की आंखे नम हो गई। हर कोई आखरी बार देवेंद्र को देखना चाह रहा था। हर कोई उससे बात करने की कोशिश कर रहा था। कुछ माह पहले जब दियारी त्योहार मना कर जा रहा था, तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि इसे आखिरी बार देख रहे है।
हमेशा हंसते मुस्कुराते आने वाला देवेंद्र घर के साथ ही पूरे गांव के लोगों में आंसू देकर जाएगा। शुक्रवार को हुए हादसे में देवेंद्र ने अपनी जान गवां दी थी, जिसके बाद शुक्रवार को मेडिकल कालेज डिमरापाल में जवान के पीएम होने के बाद शनिवार की सुबह नया बस स्टैंड 80 बटालियन सीआरपीएफ में जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जहां सीआरपीएफ के आला अधिकारियों से लेकर बस्तर रेंज आईजी पी सुंदरराज भी मौजूद थे, जहां जवान को श्रद्धांजलि देने के बाद उसके पार्थिव शरीर को गृहग्राम के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम गलगम में सीआरपीएफ की पार्टी एरिया डोमिनेशन के लिए निकली थी। इसी दौरान यूबीजीएल ब्लास्ट होने से कांस्टेबल देवेंद्र के पैर, कमर और हाथ मे गंभीर चोट आई, जिसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेकाज हेलिकॉप्टर की मदद से भेजा गया। मेकाज पहुंचने से पहले देवेंद्र सेठिया शहीद हो गए। घटना की जानकारी लगते ही परिजनों से लेकर घर परिवार में शोक की लहर छा गई। वहीं जवान के पार्थिव शरीर को मेकाज में रखवाया गया है।
मां को नहीं हो रहा विश्वास नहीं रहा देवेंद्र
शहीद जवान देवेंद्र सेठिया का पार्थिव शरीर जैसे ही गृहग्राम पहुंचा तो वैसे ही उसकी मां अपने शहीद बेटे को देखने आ पहुंची। मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि दो माह पहले जिस बेटे को खुशी-खुशी अपनी ड्यूटी पर जाने दिया था। अब उससे दोबारा कभी नहीं देख पाएगी, ना ही उसकी आवाज सुन पाएगी। जवान की शहादत की खबर का पता चलते ही गांव मे शोक की लहर छा गई।

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