यूनिसेफ ने किया बाल संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन

 

( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल।
जनप्रतिनिधियों को विकास को समझना होगा| विकास केवल सडक, बिजली, पानी की समस्या ठीक कर देना नहीं है बल्कि व्यक्तियों का विकास और उनके अधिकारों का संरक्षण भी विकास है| इसमें भी वंचित वर्ग विशेषतः बच्चों और महिलाओं का संरक्षण प्राथमिकता में रखा जाना बहुत ही प्रमुख प्रसंग है|
उक्त बात मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने यूनिसेफ, सेफ सिटी पार्टनर्स और नगर निगम, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में “बाल संरक्षण पर नगर निगम की भूमिका” विषय पर आयोजित कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर कही|
 उन्होंने यूनिसेफ, सेफसिटी पार्टनर को बधाई देते हुए कहा कि यह अपनी तरह का विशिष्ट प्रयास है, जिसकी श्रंखला बढती रहनी चाहिये|
उन्होंने कहा कि अब स्वच्छ शहर के साथ-साथ सुरक्षित शहर बनाना भी प्राथमिकता होनी चाहिये|
बाल संरक्षण को लेकर पार्षद गण, महापौर और नगरनिगम किस तरह के सार्थक प्रयास कर सकते हैं, इस पर विषय पर कार्यशाला में  विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर महापौर मालती राय ने कहा कि यूनिसेफ भोपाल अच्छा काम कर रहा है और उनके साथ जुड़ी हुई संस्थाएं डिबेट, आरंभ, मुस्कान, उदय, बचपन, आवाज और ममता इस पूरे कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर जो काम कर रहे हैं, वह एक अच्छा प्रयास है| यूनिसेफ भोपाल के साथ मिलकर सभी पार्षद अगले 2 साल की कार्य योजना बनाएंगे| जिसमें हम यह देखने का प्रयास करेंगे कि किस तरह से भोपाल को सुरक्षित शहर बनाया जाए ताकि बच्चे उन्मुक्त वातावरण में रह सके और हर 3 महीने में हम इस कार्य योजना की समीक्षा करेंगे और इस कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी सहयोग सही होगा वह उपलब्ध करवाएंगे। हमारा प्रयास है कि मिलकर भोपाल को सुरक्षित बनाया जाए|
वहीँ नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि समाज के संवेदनशील विषयों को समझना और उन पर काम करना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता बननी चाहिये और मुझे बेहद ख़ुशी है कि यह बन रही है| उन्होंने सुरक्षित शहर की परिकल्पना को साकार करने का वायदा किया और कहा कि वे और सभी पार्षद यह प्रयास करते रहेंगे|
अटल बिहारी सुशासन संस्थान के प्रबंध निदेशक लोकेश शर्मा ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है| बच्चों को शहर में सुरक्षित स्थान देना और उनकी बात सुनना यह सुशासन की मिसाल है| श्री शर्मा ने कहा कि आप पार्षदों की सक्रियता बच्चों की खुशहाली और उनके संरक्षण का कारण बन सके, इससे बेहतर कोई और बात नहीं हो सकती है|  बाल कल्याण समिति भोपाल की अध्यक्ष जागृति किरार ने कहा कि शहर भिक्षावृत्ति मुक्त हो और बच्चे नशे का शिकार न हों, यह हम सभी को मिलकर सुनिश्चित करना होगा।
इसके पहले यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ लोलिचेन पी. जोसेफ ने कहा कि नगरीय सुशासन में बच्चों के संरक्षण को कैसे देख सकते हैं| सतत विकास लक्ष्यों में बाल संरक्षण बहुत ही प्रभावी है| हमें स्वच्छ भोपाल तो बनाना ही है लेकिन हमें चाइल्ड फ्रेंडली सिटी भी बनाना है और उसके लिए सभी हितधारकों को अपनी-अपनी भूमिका निभानी होगी|
कार्यक्रम का संचालन और समन्वयन डिबेट संस्था के निदेशक अमिताभ सिंह और लीना सिंह ने किया| सेफ सिटी पार्टनर के रूप में इस कार्यक्रम में आरम्भ, मुस्कान, उदय, निवसिड, आवाज, ममता तथा डिबेट आदि संस्थाओं की सहभागिता रही| कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्षद सम्मिलित हुए|