भोपाल
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार सरकार ने कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार द्वारा प्रदेश के शासकीय कर्मचारी व कार्यकर्ता, संविदाकर्मियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत निरामयम में शामिल किए जाने की कवायद शुरू हो गई है. इसमें संविदाकर्मियों के हर परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक दिए जाएंगे.
9 सदस्यीय कमेटी का गठन
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने आवश्यक दिशा निर्देश तय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति के सदस्य सचिव मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत निरामयम मध्य प्रदेश होंगे.
समिति में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास, अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सदस्य होंगे.
संविदाकर्मियों को प्रति परिवार पांच लाख रुपये
समिति प्रदेश के शासकीय कर्मचारी-कार्यकर्ता व संविदाकर्मियों को आयुष्मान भारत 'निरामयम' प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत, पूर्व में स्वीकृत पात्र श्रेणियों में सम्मिलित हितग्राहियों के अतिरिक्त, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता, आशा सुपरवाइजर, कोटवार एवं संविदाकर्मियों को प्रतिवर्ष, प्रति परिवार, पांच लाख रूपये का स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ स्वीकृत करने के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी करेगी.
बता दें कि हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर में यूनिवर्सिटी का एलान करते हुए कहा था कि उनकी सरकार जनता के विकास के कामों में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जनता से किए वादे जल्द पूरे होंगे.

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