नर्मदापुरम
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में लोकायुक्त टीम ने नगर तहसील में पदस्थ पटवारी देवेंद्र सहारिया को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। शिकायतकर्ता इमरत लाल से दुकान से कब्जा हटवाने के लिए पटवारी ने 40 हजार रुपए की मांग की थी। रिश्वत में से 31 हजार रुपये आवेदक द्वारा दे भी दिए गए थे। अब आखिरी 9 हजार रुपये और लेने के लिए पटवारी इमरत लाल यादव पर दबाव बना रहा था। जिस से परेशान होकर इमरत लाल यादव ने लोकायुक्त में शिकायत की। शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त की 7 सदस्यीय टीम ने नर्मदापुरम में पटवारी को उनके घर पर ही 9 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया है।
इमरत लाल यादव ने 31 जनवरी को लोकायुक्त में शिकायत की थी कि उनकी दुकान पर किराएदार अनिल अग्रवाल द्वारा अवैध कब्जा कर रखा है। जिसे खाली कराने और कार्रवाई करने के लिए पटवारी देवेंद्र सहरिया द्वारा 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराया गया। 2 फरवरी 2024 को पटवारी देवेंद्र सहरिया 9 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए।
लोकायुक्त टीआई विकास पटेल ने बताया कि 31 जनवरी 2024 को आवेदक इमरतलाल यादव द्वारा बताया गया कि रसूलिया में उनकी दुकान जिस पर अनिल अग्रवाल किराए से दुकान लिए हैं जो खाली नहीं कर रहा है। जिसका विवाद चल रहा है इसके लिए पटवारी ने 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। पटवारी को 31 हजार रुपए दे दिए गए थे। 9 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पटवारी पकड़े गए हैं। अभी विवेचना जारी है।

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