इंदौर
इंदौर शहर को 31 मार्च से वाराणसी के साथ हवाई सेवा मिलने जा रही है. इससे तीर्थयात्रियों के साथ-साथ व्यापार जगत को भी फायदा होगा. नागर विमानन महानिदेशालय ने प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम जारी कर दिया है. इस शेड्यूल में शहर से वाराणसी के लिए सीधी फ्लाइट जुड़ने जा रही है, जबकि राजकोट की फ्लाइट बंद होने जा रही है. गौरतलब है कि डीजीसीए की ओर से साल में दो बार फ्लाइट शेड्यूल जारी किया जाता है. पहला मार्च अंत से अक्टूबर अंत तक है, जिसे ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम कहा जाता है. दूसरा अक्टूबर के अंत से मार्च के अंत तक है, जिसे शीतकालीन कार्यक्रम कहा जाता है.
डीजीसीए को एयरलाइंस से प्रस्ताव प्राप्त होते हैं. आपको बता दें कि विभिन्न हवाई मार्गों पर उड़ानें जारी रखना, नई उड़ानें जोड़ना और मौजूदा उड़ानें बंद करना शामिल है जिसके आधार पर डीजीसीए प्रस्तावित शेड्यूल जारी करता है और विभिन्न हवाई अड्डों से मंजूरी लेता है और उसके बाद अंतिम शेड्यूल जारी किया जाता है. हाल ही में जारी प्रस्तावित शेड्यूल में इंडिगो ने शहर से वाराणसी के लिए सीधी उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव दिया है और राजकोट उड़ान के लिए समय नहीं लिया है. यह शेड्यूल 31 मार्च से लागू होगा और 26 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा.
इंदौर एयरपोर्ट पर बढ़ेगी सुविधाएं
इंदौर सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि एयरपोर्ट पर सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. आने वाले समय में एयरपोर्ट पर यात्रियों को और भी अधिक सुविधाएं मिल पाएंगी. हालांकि अभी इंदौर एयरपोर्ट में अन्य शहरों की अपेक्षा बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. यात्री सुविधाओं को लेकर लगातार काम किया जा रहा है और बैठक के माध्यम से निर्देश भी दिए जा रहे हैं कि जो भी अच्छी व्यवस्थाएं हैं वह सभी यहां पर उपलब्ध हो सके क्योंकि इंदौर आर्थिक राजधानी कही जाती है इसलिए सांसद ने इंदौर एयरपोर्ट को बेहतर करने पर जोर दिया है. आपको बता दें कि एयरपोर्ट पर इस समय कार्गो की सुविधा भी उपलब्ध है और इस कार्गो सुविधा को और भी अधिक बढ़ाया जा रहा है. वहीं हरी सब्जियों, दूध और फलों के लिए भी कार्गो उपलब्ध हो सके इसकी व्यवस्था चल रही है.

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू