बुरहानपुर/भोपाल
बुरहानपुर जिले में शनिवार सुबह ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों और वनकर्मियों पर हमला कर दिया। तीर कमान और अन्य हथियारों से किए गए इस हमले में दस अधिकारी कर्मचारी घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंच गए हैं और बेकाबू हालात को काबू में करने की कोशिश में जुटे हैं।
घटनाक्रम के बारे में सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शनिवार को सीसीएफ आरपी राय और डीएफओ अनुपम शर्मा के नेतृत्व में करीब 200 वन कर्मी और कुछ पुलिसकर्मियों की टीम घाघरला के जंगल में घुसी। यहां पहले से तैयार बैठे लोगों ने इस टीम पर तीर कमान व गोफन से हमला बोल दिया जिससे वन समिति के कुछ सदस्य हुए हैं।
सीसीएफ का कहना है कि अतिक्रमणकारियों ने रात में देसी बम और भरमार बंदूकों से फायरिंग भी की है। इसके बाद घायल वन विभाग की टीम वापस लौट आई है। हमले में करीब 10 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बताया गया कि वन माफिया फूल सिंह सुगला इस हमले के पीछे मुख्य आरोपी बताया जा रहा है जिसके साथ एक तिहाई जंगल क्षेत्र में कब्जा किया गया है और इसे मुक्त कराने की वन अफसरों की कोशिश नाकाम रही है।
लटेरी में हो चुका है हमला
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में विदिशा जिले के लटेरी क्षेत्र में लकड़ी तस्करों द्वारा वन अमले पर हमला किया जा चुका है। इस घटना में गोलीबारी हुई थी, इस घटना में एक आदिवासी की मौत हुई थी। इससे पहले गुना में भी वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर हमला किया जा चुका है। इस घटना में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
गांव वालों को समझाईश
वन अमले के आठ लोग और एक ग्रामीण इस हमले में घायल हुए हैं। हमने पुलिस से इस घटना में कार्यवाही करने के लिए कहा है। गांव वालों को भी समझाईश दी है कि पुलिस को सहयोग करें।
रमेश गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक
इस मामले को पहले डीएफओ लीड कर रहे थे, हमले के बाद जैसे ही हमे सूचना मिली उसके बाद पुलिस ने यहां पर मोर्चा संभाल लिया है। मैं भी अभी मौके पर ही हूं। इसमें वन कर्मी और एक ग्रामीण घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया है।
राहुल लोढा, एसपी बुरहानपुर

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