मैक्सिको.
रूस के हैकरों ने नवंबर में माइक्रोसॉफ्ट के जिन ईमेल खातों में सेंध लगाई थी, उनके बारे में कंपनी को अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, वह चोरी किए गए डाटा के साथ ग्राहक नेटवर्क में सेंध लगाने वाले रूस के सरकारी हैकरों का पता लगाने की अब भी कोशिश ही कर रहे हैं। इसी प्रकार क्लाउड-कम्प्यूटिंग कंपनी हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज भी जनवरी में हैकिंग का शिकार हुई।
सॉफ्टवेयर दिग्गज ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि रूस की एसवीआर विदेशी खुफिया सेवा के हैकरों ने घुसपैठ में हासिल डाटा का इस्तेमाल आंतरिक सिस्टम के लिए किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि किस स्रोत कोड तक हैकरों ने पहुंच बनाई। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट की यह स्वीकारोक्ति कि क्लाउड कम्प्यूटिंग कंपनी, रूसी एसवीआर की हैकिंग को नियंत्रित नहीं कर सकी, कई और खतरों को उजागर करती है। इनके दायरे में सरकार और व्यापार की भारी निर्भरता पर मंडरा रहे खतरे शामिल हैं।

More Stories
पुतिन पहुंचे नई दिल्ली, जानिए कब हुई थी मोदी और पुतिन की पहली मुलाकात, रूस ने 24 साल पुरानी फोटो शेयर कर ताजा की ऐतिहासिक यादें
खटास के साथ खत्म हुई G20 समिट, ट्रंप के बायकॉट से खफा रामफोसा ने नहीं सौंपी औपचारिक अध्यक्षता
रोहित शर्मा-विराट कोहली ने लगा दी रिकॉर्डों की झड़ी, भारत ने आखिरी वनडे 9 विकेट से जीता, सीरीज गंवाई