कूनो
भारत में जन्मा पहला भारतीय चीता आज एक साल हो गया। इस बात से ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि चीतों को अब भारतीय हवा-पानी रास आने लगा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीते अब भारतीय माहौल में ढल चुके हैं। भारत की भूमि पर एक के बाद एक चीते जन्म ले रहें हैं, जिससे इनकी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
कूनो नेशनल पार्क में जन्मे चीतों की संख्या विदेशी चीतों से ज्यादा हो गई है। इस समय कूनो में जन्मे 14 शावक हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए चीतों की संख्या 13 है। यहां जन्मा पहला चीता आज एक साल का हो गया है। अभी इसका नाम नहीं रखा गया है। कूनों में आज चीते के जन्मदिन के उत्सव की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव चीते का नामकरण कर सकते हैं।
बता दें कि कूनो प्रोजेक्ट चीता के तहत कूनो में 20 चीते लाए गए थे, जिनमें से 7 की मौत हो गई और 13 जीवित हैं।

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