शहडोल
कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बीएस जामोद ने म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) (क) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये श्री दीपेन्द्र तिवारी, प्रभारी तहसीलदार, तहसील जयसिंहनगर जिला शहडोल (म.प्र.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में श्री तिवारी का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, जिला शहडोल नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
जारी आदेश में कहा गया है कि तहसील कार्यालय जयसिंहनगर, जिला शहडोल के निरीक्षण दौरान पाया गया कि न्यायालयीन (नामांतरण/ बटवारा/ सीमांकन / बेदखली) इत्यादि से संबंधित प्रकरण दायरा पंजी में दर्ज नही थे। वक्त निरीक्षण तहसीलदार द्वारा लगभग 300 प्रकरण पंजी में दर्ज नही होना स्वीकार किया गया। प्रकरणों के अवलोकन में वर्ष 2021-23 तक के काफी प्रकरण प्रचलनशील होने के बावजूद एक वर्ष से अधिक का समय व्यतीत होने पर भी प्रकरणों में सुनवाई नही की गई है,
साथ ही विभिन्न मदों के सैकडों राजस्व प्रकरणों को न तो दायरा पंजी में तथा न ही आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज किया गया है। कार्यालय में महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुव्यवस्थित न रखते हुए अस्त-व्यस्त रखा गया है। इस प्रकार न्यायालय में पदस्थ पीठासीन अधिकारी श्री दीपेन्द्र तिवारी, तहसीलदार जयसिंहनगर, जिला शहडोल द्वारा प्रकरण के निराकरण में कोई रूचि नहीं ली जा रही है, जो पदीय दायित्वों के प्रति उनकी गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता को परिलक्षित करता है। श्री तिवारी का उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत एवं दण्डनीय है।

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