भोपाल.
देश के सबसे स्वच्छतम शहर इंदौर ने वायु सर्वेक्षण 2023 में भी अपना परचम फहराया है। भोपाल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस का राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। पहली बार देश की राजधानी दिल्ली से बाहर हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव शामिल हुए। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2023 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर को प्रथम, आगरा को द्वितीय और महाराष्ट्र के ठाणे को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि अपने इंदौर को नम्बर वन रहने की आदत हो गई है…। मुझे कहते हुए प्रसन्नता है कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2023 में इंदौर ने देश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। मुझे बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश में हमने 30% फॉरेस्ट कवर बचा कर रखा है, जो देश के कुल फॉरेस्ट कवर का 12 फीसदी से भी अधिक है। मध्यप्रदेश आज टाइगर, लेपर्ड, घड़ियाल, वल्चर एवं चीता स्टेट भी है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति का शोषण नहीं दोहन किया जाना चाहिए। प्रकृति से उतनी मात्रा में ही लेना चाहिए जितनी आवश्यकता है। भारत कहता है कि एक ही चेतना हम सब में है। सभी प्राणियों में सद्भाव और विश्व का कल्याण हो, ऐसी कामना हम करते हैं। पीएम मोदी विश्व को लाइफ का संकल्प दिया। मध्य प्रदेश इन सभी संकल्पनाओं को धरातल पर लागू करने का काम कर रहा है। हमने जो प्रयास किये हैं, उसके परिणाम आ रहे हैं। पांच तत्वों में से एक पवन है। यदि वायु स्वच्छ न हो तो जीवन संभव नहीं हैं। इंदौर को तो सभी प्रतियोगिता में प्रथम आने की आदत हो गई है। जिन शहरों को यहां पुरस्कार मिला है, उन्हें भी बधाई।
इंदौर के अलावा मप्र के ये शहर भी शामिल
दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर ने प्रथम और भोपाल ने पांचवां स्थान, जबलपुर ने 13वां और ग्वालियर ने 41वां स्थान प्राप्त किया है। तीन से 10 लाख तक शहरों की श्रेणी में सागर को देश में 10वां और ग्वालियर को 41वां स्थान मिला है। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में देवास को छठवां स्थान मिला है।
कार्यक्रम में शहरों द्वारा वायु प्रदूषण कम करने के उत्तम प्रयासों के सार-संग्रह का विमोचन किया गया। इससे अन्य शहरों द्वारा स्वच्छ वायु की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गति मिलेगी। मध्यप्रदेश ने विशेष सफलता हासिल की है। कार्यक्रम में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की सफलता की कहानियों और मिशन लाइफ पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी में मिशन लाइफ, गौ-काष्ठ, अपशिष्ट प्रबंधन, कार्बन कैप्चर, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, क्लीन एयर प्रोजेक्ट, सेल्फी कियोस्क, सीमेंट उद्योग में प्रदूषण नियंत्रण, भीमा बाँस रोपण आदि के स्टॉल थे।

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