इंदौर
इंदौर के एक अस्पताल से चौंका देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक डॉक्टर मरीज का इलाज नहीं, बल्कि उसे थप्पड़ मारता नजर आया है। दरअसल ये मामला इंदौर के एक अस्पताल का है। आपको बता दें कि एक शख्स का सड़क हादसे में पैर फ्रेक्चर हो गया है, जिस दौरान वह उज्जैन के एक अस्पताल पहुंचा। हड्डी टूटने के कारण उसे वहां से इंदौर के एमवाईएच अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
एमवाईएच के जूनियर डॉक्टर ने मरीज को उस समय थप्पड़ लगाए जब पीड़ित और उसके परिजनों ने डॉक्टर को पीड़ित को एचआईवी पॉजिटिव के बारे में नहीं बताया। घटना के वीडियो में जूनियर डॉक्टर ड्रेसिंग टेबल पर लेटे मरीज को लगातार थप्पड़ मारता दिख रहा है और गालियां भी दे रहा है। इस मामले में एमवायएच अधीक्षक डॉ. प्रमेंद्र ठाकुर ने कहा कि हड्डी रोग एवं ट्रॉमेटोलॉजी विभाग में पदस्थ जूनियर डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर गया है। ठाकुर ने बताया कि एमवायएच शहर के सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है। डीन डॉ. संजय दीक्षित ने मामले की जांच करने और तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
एमवाईएच के जूनियर डॉक्टर द्वारा पीड़ित को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है, इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि डॉक्टर पीड़ित का इलाज नहीं उसे थप्पड़ मार रहा है। एचआईवी एक्ट 2017 के तहत इस बीमारी से पीड़ित मरीज से गलत बर्ताव और भेदभाव करने पर 3 महीने से लेकर साल तक की जेल या एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मतलब इस तरह के मरीजों से भेदभाव अपराध माना जाएगा।
कांग्रेस का बीजेपी पर निशाना
इस घटना का वीडियो वायरल होते ही चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने बीजेपी को घेर लिया है। राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने X (पहले ट्विटर) पर वीडियो शेयर कर लिखा है, ''मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल देखिये:- इंदौर के सरकारी अस्पताल मरीज का इलाज गालियों और थप्पड़ के साथ हो रहा है।''

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