शहडोल
जिले के देवलोंद थाना पुलिस ने बीती रात सुखाड गांव के समीप गांजा तस्करी कतरे दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से 45 किलो ग्राम गांजा जप्त किया। जबकि इस कारोबार का सरगना फरार हो गया । जिसकी तलाश में पुलिस सरगर्मी के साथ जुटी हुई है। मादक पदार्थ गांजा की धर पकड़ पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के निर्देशन पर की गई है।
देवलोद थाना प्रभारी ने बताया कि रीवा जिला के मनगंवा निवासी महफूज खान पिता अफजल खान वार्ड नं. 3 और रौनक हुसैन पिता बासिर हुसैन निवासी मनगंवा कार क्रमांक एमपी 17 सी.सी. 6894 में 45 किलो 630 ग्राम गांजा लेकर रीवां की ओर जा रहे थे। शनिवार व रविवार की आधी रात को मिली सूचना के आधार पर देवलोंद पुलिस ने कार को रुकवाया और तलाशी ली तो कार से गांजा बरामद हुआ।
आनन-फानन में पुलिस ने दोनों आरोपितो को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की तो दोनो ने कबूल किया की उन्होंने पकड़े गये गांजा को ग्राम करौदिया निवासी गांजा के शातिर तस्कर रामसजीवन पटेल के घर से खरीदा है और गांजा लेकर वे रीवा की ओर जा रहे थे।
दोंनो आरोपितों के बयान के आधार पर देवलोंद थाना की पुलिस ने सरगना के घर दविश देने पहुंची तो वह फरार हो गया था। बहरहाल इस मामले में देवलोंद थाना की पुलिस तीनो आरोपितों के खिलाफ नारकोटिक्स अधीनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। उधर शातिर सरगना रामसजीवन पटेल की पुलिस सरगर्मी के साथ तलाश में जुटी हुई है।
सवा नौ लाख का मशरूका जब्त
पहले भी वह गांजा के अवैध व्यापार में कई बार पकड़ा जा चुका है। इसके बाद भी उसकी हरकत में कोई सुधार नहीं हुआ है। कुल मिलाकर मादक पदार्थों की धरपकड़ वाले पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक द्वारा छेड़े गये अभियान को लगातार सफलता मिल रही है।

More Stories
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू
अशोकनगर बायपास परियोजना में करोड़ों के भूमि घोटाले की आशंका! एलायमेंट बदलने, गरीबों की पट्टे की जमीनों की बिक्री और भूमाफियाओं की कथित खरीद-फरोख्त पर उठे गंभीर सवाल
167वें आयकर दिवस पर राष्ट्र निर्माण में करदाताओं की भूमिका का संदेश, उत्कृष्ट खिलाड़ियों और विद्यार्थियों का हुआ सम्मान