मुरैना
मोबाइल पर चलने वाले ऑनलाइन गेम में 16 साल का नाबालिग हजारों रुपये हार गया। इसके बाद नाबालिग ने खुद के अपहरण की कहानी गढ़ी और पिता से 25 हजार की फिरौती मांगी।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मोबाइल ट्रेस कर दो घंटे के भीतर ही नाबालिग को ढूंढ निकाला। दरअसल, प्रेमनगर निवासी एक परिवार रविवार की रात साढ़े 11 बजे सिविल लाइन थाने पहुंचा और बताया कि उनके 16 साल के बेटे का अपहरण हो गया है। अपहरण करने वाले बदमाश 25 हजार रुपये की फिरौती मांग रहे हैं।
पिता के फोन पर आया था मैसेज
मामला संवेदनशील होने के कारण तत्काल अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई। इसी बीच नाबालिग के मोबाइल से उसके पिता के फोन पर मैसेज आया, जिसमें रुपयों का इंतजाम करने या फिर बेटे का काम तमाम करने की धमकी लिखी थी।
मुरैना रेलवे स्टेशन के आस-पास थी लोकेशन
पुलिस ने मोबाइल ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन मुरैना रेलवे स्टेशन के आसपास दिखी। पुलिस ने पीछा शुरू किया और रात डेढ़ बजे के करीब नाबालिग को जिला अस्पताल के अंदर से ढूंढ निकाला।
जिला अस्पताल में मिला नाबालिग
जिला अस्पताल में मिले नाबालिग ने बताया कि उसे बदमाश यहां फेंककर भाग गए हैं। पुलिस को मामला संदेहास्पद लगा और उसका मोबाइल जब्त कर जांच की गई तो पता लगा कि बीते एक साल से विन्जो मोबाइल गेम पर हजारों रुपये का लेनदेन हुआ है, एक दिन पहले ही इस गेम में नाबालिग 5000 रुपये हार चुका है।
पूछताछ करने पर बताई यह कहानी
इसके बाद सख्ती से पूछताछ हुई तो नाबालिग ने बताया कि वह पिता के 5,000 रुपये गेम में हार गया था। पिटाई के डर से उसने अपहरण की कहानी रची और रात को पिता को फोन कर कहा कि बोलेरों में पांच लोग उसका अपहरण करके ले जा रहे हैं।
पुलिस ने नाबालिग को उसके स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है, लेकिन इस प्रकरण को बाल कल्याण समिति के समक्ष भी पेश किया गया है, जिससे नाबालिग की काउंसलिंग की जा सके।

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