भोपाल
नियम-कानून को ठेंगा दिखाकर वाहन चलाने वालों के लिए पुलिस मुख्यालय और परिवहन विभाग मिलकर कड़ी व्यवस्था करने जा रहे हैं। अब अगर वाहन का बीमा नहीं है तो भी इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से चालान कट जाएगा।
मध्य प्रदेश के सात शहरों में आईटीएमएस है जहां यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इनमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और सतना शामिल हैं।
इंदौर में पुलिस और बाकी शहरों में स्मार्ट सिटी की ओर से कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि एक-दो माह में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
इसमें आइटीएमएस के माध्यम से वाहनों का नंबर लेकर इसे एम-परिवहन पोर्टल में जांचा जाएगा कि वाहन का बीमा है या नहीं। इसी आधार पर आइटीएमएस से चालान जारी हो जाएगा।
अभी बिना हेलमेट, तीन सवारी और गलत दिशा में या रेड सिग्नल तोड़ने पर ही कार्रवाई की जाती है।
बता दें कि इंश्योरेंस नहीं होने पर दो पहिया वाहनों पर एक हजार, कार-जीप आदि पर तीन हजार और बड़े वाहनों पर पांच हजार रुपये अर्थदंड का प्रविधान है।
पुलिस सड़क पर वाहनों की जांच के दौरान अधिकतर उन्हीं वाहन मालिकों पर अर्थदंड लगाती है जो हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं लगाते। इसके बाद कभी-कभी तीन सवारी के चलते कार्रवाई की जाती है।
इंश्योरेंस की जांच सामान्य तौर पर वाहनों की तभी की जाती है जब वह दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इस व्यवस्था से चोरी के वाहनों को पकड़ना भी आसान हो जाएगा, क्योंकि कागजात पूरा नहीं होने के कारण ऐेसे वाहनों का बीमा नहीं होता।
इसके अतिरिक्त पंजीयन खत्म होने के बाद भी चल रहे वाहनों को पकड़ा जा सकेगा। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के एडीजी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि जल्द ही यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

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