इंदौर
2024-25 सत्र में स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर दो चरणों की ऑनलाइन काउंसिलिंग खत्म हो चुकी है। बावजूद इसके कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है। महज 43 प्रतिशत सीटें भर पाई है। अब कॉलेजों को सीएलसी राउंड से ज्यादा उम्मीदें हैं। इसके अंतर्गत 20 जून से 7 जुलाई तक पंजीयन होंगे। उसके बाद कॉलेज अपने स्तर पर रोजाना मेरिट सूची निकालेंगी। उसके आधार पर विद्यार्थियों को पंसदीदा पाठ्यक्रम में प्रवेश मिल सकेगा। 12 से 19 जुलाई तक कॉलेजों में सूची जारी होगी। 2 लाख 38 हजार सीटों पर प्रवेश हुआ है। अधिकांश विद्यार्थियों ने सरकारी कालेजों में प्रवेश को लेकर रूचि दिखाई है। स्नातकोत्तकर की 1 लाख 28 हजार सीटें भर पाई है। 20 जून से सीएलसी का पहला चरण शुरू हुआ है। इन दिनों पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है। 9 दिन में 1 लाख 90 हजार पंजीयन हुए हैं। दस्तावेज सत्यापन करवाए जा रहे हैं। बाद में च्वाइंस फीलिंग की जाएगी।
अल्प संख्यक कॉलेजों में बढ़ेंगे प्रवेश
अल्प संख्यक कॉलेजों के लिए भी उच्च शिक्षा विभाग ने सीएलसी का पहला चरण रखा है। इसका फायदा कॉलेजों को मिलता नजर आ रहा है। उम्मीद है कि पहले दो चरण में विद्यार्थियों ने सरकारी कॉलेजों में प्रवेश को लेकर प्राथमिकता दिखाई थी। ऑनलाइन काउंसिलिंग में सरकारी कॉलेजों की 60 फीसद सीटों पर प्रवेश हो चुका है।
मगर सीएलसी राउंड से अल्प संख्यक कालेजों में प्रवेश बढ़ेंगे। गुजराती बायज, गुजराती गर्ल्स, गुजराती प्रोफेशनल, सेंट पाल, विशिष्ट, जैन दिवाकर, रेनेसां, इंदौर क्रिश्चियन, इस्लामिया करीमिया, एलिक्जिया, आइसेक्ट, आइआइएल, इंदौर महाविद्यालय, अक्षय एकेडमी, आक्सफोर्ड इंटरनेशनल, इस्बा सहित 38 कालेजों में विद्यार्थी आसानी से प्रवेश मिलेगा। कालेज संचालक संघ के पदाधिकारी गौरव चौधरी और आशीष तिवारी का कहना है कि अल्पसंख्यक कालेजों को सीएलसी राउंड खत्म होने के बाद पोर्टल पर विद्यार्थियों का ब्यौरा देना होगा।

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