September 11, 2026

अब प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों की तरह बनाया गया है, कलेक्टर केदार सिंह ने किया निरीक्षण

शहडोल
प्रदेश में प्ले स्कूल खुलते जा रहे हैं और इन स्कूलों में महंगी फीस देकर अभिभावक अपने बच्चों को कुछ समय के लिए भेजते हैं। इन स्कूलों में बच्चे दो से तीन घंटे रहते हैं और यहां पर बच्चों के अभिभावकों से हर महीने मोटी फीस वसूल की जाती है, लेकिन शुक्रवार को जिला मुख्यालय से सटे हुए गांव कोटमा के आंगनबाड़ी केंद्र में जब कलेक्टर केदार सिंह निरीक्षण करने पहुंचे तो वह भी दंग रह गए।

हुआ यह था कि कलेक्टर ने एक बच्चे को खड़ा करके उसे महीने के नाम बताने के लिए कहा बच्चे ने तोतली भाषा में धड़ाधड़ जनवरी से लेकर दिसंबर तक सारे महीने सुना डाले। इसको देखकर कलेक्टर सहित तमाम अधिकारी जो मौके पर मौजूद थे एकदम दंग रह गए और सब ने तालियां बजाकर बच्चे का प्रोत्साहन किया।

अधिकारियों ने बढ़ाया प्रोत्साहन
जब अधिकारी तालियां बजा रहे थे तो इस केंद्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी गर्व से गदगद हो रही थी। आज इस आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चे के इस उत्साह पूर्ण पूर्वक महीने के नाम सुनाने से यह तो साफ हो गया है कि निश्चित तौर पर आने वाले समय में अगर मेहनत की जाए तो यह आंगनबाड़ी के बच्चे प्ले स्कूल को मात दे देंगे।

बच्चों ने कलेक्टर को गिनती और कविताएं भी सुनाई
इस मौके पर एसडीएम अरविंद शाह ,एसडीएम अमृता गर्ग, महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी आनंद अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज लरोकर एवं सुपरवाइजर वर्षा पांडे भी मौजूद रहीं।

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