नई दिल्ली.
उत्तर पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में फुटओवर ब्रिज (एफओबी) की रेलिंग नहीं होने से एक किशोर की गिर कर मौत हो गई। इस मामले में अभी जांच पुलिस चल रही है कि किशोर को गिराया गया था या वह खुद गिरा था। लेकिन फुटओवर ब्रिज के जिस हिस्से से वह गिरा था वहां पर रेलिंग नहीं थी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की तरफ से 80 से अधिक फुटओवर ब्रिज बनाए हैं।
लेकिन इनमें से अधिकतर की हालत ऐसी है कि इनका इस्तेमाल करना मौत को दावत देने जैसा है। जानकारों का कहना है कि दिल्ली में बने फुटओवर ब्रिजों का वर्ष 2018 के बाद से सुरक्षा आडिट नहीं कराया गया है। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि जर्जर और खतरनाक फुटओवर ब्रिजों का सर्वे समय-समय पर कराया जाता है। इसके आधार पर उसे ठीक कराने की कार्रवाई की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। जानकारों का कहना है कि अधिकतर फुटओवर सुरक्षित नहीं हैं। एफओबी की ऊंचाई का नियम 5.5 मीटर है। लेकिन, कई जगह उसकी ऊंचाई भी कम है। कई फुटओवर ब्रिजों में फ्लोरिंग की भी समस्या है। उनमें जंग लग चुका है। लोहे के फ्रेम में भी कई जगह जंग लगा है, जिससे वह खतरनाक हो चुके हैं।

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