भोपाल
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद अब इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में तीन माह से अधिक का समय बाकी है। गुरुवार को समाप्त हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार अनुपूरक बजट लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मार्च में लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने पर फिर विकास कार्यों पर विराम लग सकता है। खर्चों की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार अनुपूरक बजट तो लाई नहीं अब खुले बाजार से कर्ज लेकर इंतजाम में जुट गई है। इसी माह 26 दिसंबर को फिर सरकार ने खुले बाजार से दो हजार करोड़ रुपए लेने के लिए प्रस्ताव बुलाए है। यह कर्ज सरकार सोलह साल के लिए ले रही है।
राज्य सरकार रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के मुंबई आॅफिस के जरिए कोर बैंकिंग साल्युशन ई कुबेर सिस्टम के जरिए यह कर्ज लेगी। इसके लिए देश भर की वित्तीय संस्थाओं कंपनियों से 26 दिसंबर को आॅनलाईन प्रस्ताव बुलाए है। जो वित्तीय संस्था, कंपनी राज्य सरकार की शर्त पर सबसे कम ब्याज दर पर कर्ज देने को तैयार होगी ऐसी संस्था के प्रस्तावों को देखने के बाद राज्य सरकार 27 दिसंबर को सक्सेसफुल बिडर्स से यह कर्ज लेगी।
16 साल में होगा चुकता
इस कर्ज की अदायगी राज्य सरकार 27 दिसंबर 2039 में करेगी। इस कर्ज के ब्याज का भुगतान साल में दो बार कूपन रेट से किया जाएगा। नई सरकार के गठन के बाद पहली बार यह कर्ज लिया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार खुले बाजार से 21 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है। इस राशि को मिलाकर कुल 23 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हो जाएगा। राज्य सरकार पर पहले से ही साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

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