भोपाल
मध्यप्रदेश में नये मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यभार ग्रहण करने के बाद सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम तेज कर दिया है। प्रदेश में लाड़ली बहना आवास योजना शुरु की जाएगी। योजना के लिए 72 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। वित्त विभाग के परामर्श से नई योजना शुरू की जाएगी। महिलाओं के लिए पिंक बस का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा और पिंक टायलेट में कई तरह की सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
भाजपा की सरकार प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह 1250 रुपए सीधे उनके खाते में प्रदान कर रही है। एक करोड़ 32 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा रही है। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लाड़ली बहनों के लिए आवास बनाकर उन्हें देने का वचन संकल्प पत्र में दिया था। अब मुख्यमंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के बाद इस योजना पर अमल शुरू हो गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इस पर काम करेगा। शहरी क्षेत्रों में पहले लाड़ली बहनों के लिए आवास तैयार कर उन्हें वितरित किए जाएंगे। लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र ऐसी महिलाएं जिनके पास प्रदेश में कहीं भी स्वयं का आवास या भूखंड नहीं है उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
पिंक बसों का बनेगा बड़ा नेटवर्क
प्रदेश में महिलाओं के लिए पिंक बसों का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। इसमें सुरक्षा व्यवस्था किये जाने, सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सभी बड़े शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बसें शुरु की जाएंगी और इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी पिंक बसों में ड्राइवर, कंडेक्टर से लेकर क्लीनर सहित सारा स्टाफ महिलाओं का होगा और इसमें केवल महिलाओं को ही सफर करने की अनुमति होगी।
पिंक टॉयलेट बनेंगे, रख-रखाव करेंगी स्वच्छता सखियां
प्रदेश में महिलाओं के लिए सभी आकांक्षी शौचालयों को और पिंक टायलेट के रुप में विकसित किया जाएगा। इसमें सेनेटरी पेड की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। इंसीनरेटर , बेबी फीडिंग कार्नर, शौचालयों के परिसर और अंदर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शहरों के प्रमुख स्थानों पर कम से कम एक पिंक टॉयलेट तैयार कर उनके आगामी प्रबंधन और संचालन की व्यवस्था स्वच्छता सख्यिों के माध्यम से की जाएगी।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू