जबलपुर
जबलपुर के एक सरकारी गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के अश्लील वीडियो कांड से हड़कंप मच गया है. एक के बाद एक कई छात्राओं को फोन कॉल के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है. अनजान नंबरों से आने वाले इन फोन कॉल के जरिए ब्लैकमेलर छात्राओं को उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकियां दे रहा है. छात्राओं के मोबाइल पर ब्लैकमेलर लगातार अश्लील वीडियो और फोटो भेजे जा रहा है. पिछले करीब एक हफ्ते से छात्राओं को धमकी और ब्लैकमेल करने का सिलसिला लगातार चल रहा है. हैरान कर देने वाले इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कई छात्राओं ने अपने साथियों से अपनी आपबीती बयां की.
सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि सरकारी गर्ल्स कॉलेज की 70 छात्राओं को अश्लील वीडियो और फोटो भेजे जाने का खुलासा हुआ है. यही भी खुलासा हुआ है कि अब तक 50 से ज्यादा छात्राएं ब्लैकमेलर को पैसे दे चुकी हैं. हालांकि, इस पूरे मामले की शिकायत जबलपुर के साइबर सेल में करने के साथ ही पुलिस में भी लिखित आवेदन दिया गया है जिसमें शुरुआती दौर में दो छात्राओं के द्वारा ब्लैकमेलर को पैसे देने की बातें सामने आई है.
इसी मामले को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी छात्राओं ने कॉलेज पहुंचकर प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रशासन पर इस मामले में कड़े कदम उठाए जाने की मांग की. छात्राओं के नंबर ब्लैकमेलर तक कैसे पहुंचे? इस बात को लेकर भी हर कोई हैरत में है.
कॉलेज की प्रिंसिपल का कहना है कि कॉलेज की सूचनाओं और सर्कुलर छात्राओं तक पहुंचाने के लिए टेलीग्राम जैसे एप का सहारा लिया जाता है. ऐसे में यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि टेलीग्राम एप के जरिए ही छात्राओं के नंबर बाहर लीक हो रहे हैं.
बताया जा रहा है कि कई छात्राओं ने ब्लैकमेलर के झांसे में आकर हजारों की रकम भी उन्हें ट्रांसफर कर दी है. कुछ छात्राओं का यह भी कहना है कि ब्लैकमेर पुलिस अफ़सर बनकर छात्राओं को फोन किए जा रहा है.
थाना मदन महल के जांच अधिकारी केशरीनंदन राय ने बताया कि पुलिस के अलावा साइबर सेल भी इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करने में जुट गई है.

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू