दमोह
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से अच्छी और सराहनीय खबर सामने आई है, जहां कलेक्टर और एसपी की अनोखी पहल देखने को मिली है। यह नवाचार सुनहरे भविष्य की तरफ इशारा कर रहा है। दरअसल, कलेक्टर सुधीर कोचर और एसपी श्रुतकीर्ती सोमवंशी ने शहर की एक लायब्रेरी में कोचिंग सेंटर शुरू किया है। जिसमें कॉम्पटीशन एग्जाम की तैयारी के लिए संसाधनों की कमी और आर्थिक रुप से कमजोर लेकिन होनहार बच्चों को हर रोज विषय के जानकारों के द्वारा निःशुल्क पढ़ाया जा रहा है।
अनोखी पहल
अमूमन आपने बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते देखा है, जिनका सपना IAS-IPS बनने का होता है। लाखों में से चंद बच्चे ही ये मुकाम हासिल कर पाते हैं। संसाधनों का अभाव भी कहीं-न-कहीं कुछ बच्चों के भविष्य में रोड़ा बन जाता है, लेकिन जिले में अब आईएएस और आईपीएस अफसर ही इस मिथक को तोड़ने की दिशा में आगे आए हैं। रविवार या प्रशासनिक काम मे से समय मिलते ही वह खुद यहां आते है और बच्चों को पढ़ाते हैं। इसी कड़ी में शिक्षक-शिक्षिकाएं भी आगे आकर रोजाना इस सेंटर में आते हैं और बच्चों को शिद्दत के साथ पढ़ाते हैं।
बच्चों में उत्साह
वहीं, कलेक्टर और एसपी को अपना टीचर देख बच्चे भी खुश हैं। वह कहते हैं कि वो ईमानदारी से अपनी तैयारी करेगें और भविष्य में कुछ बनकर अवश्य दिखाएंगे। एक अच्छी सोच के साथ शुरू हुई ये मुहिम इलाके में चर्चा का विषय भी बनी हुई है। आमतौर पर कभी किसी स्कूल कॉलेज में लेक्चर देते अफसरों को कई बार देखा गया है, लेकिन निरंतर ऐसा काम करने के मामले कम ही दिखते हैं। जिस सोच को लेकर ये नवाचार किया गया है, वह मिशन पूरा होता है तो यकीनन आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद सुखद होगा।

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