जबलपुर
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर में स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लोकसभा सांसद कंगना रनौत को 'भारत को असली आजादी 2014 में मिली' वाले बयान पर नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह नोटिस एक याचिका के बाद जारी किया है, जिसमें कंगना के बयान को चुनौती दी गई है.
स्पेशल कोर्ट के जज विश्वेश्वरी मिश्रा ने एडवोकेट अमित कुमार साहू द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कंगना को ये नोटिस जारी किया है. एजेंसी के मुताबिक, अमित कुमार साहू ने दावा किया कि अधारताल थाने में उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद 2021 में याचिका दायर की गई थी.
उन्होंने बताया, "बाद में मैंने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई और फिर हाईकोर्ट का रुख किया. मेरी मुख्य आपत्ति यह है कि भारत को कई स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद आजादी मिली, लेकिन कंगना रनौत ने कहा कि यह 'भीख' थी. उन्होंने दावा किया कि भारत को सही मायने में आजादी 2014 के बाद मिली."
बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी.
कंगना रनौत ने क्या कहा था?
कगंना रनौत ने कहा था कि 1947 में तो भारत को भीख में ही आजादी दे दी गई थी. उसके बाद आई कांग्रेस सरकार भी अंग्रेजों की एक्सटेंशन रही. देश को असल आजादी 2014 के बाद मिली.
कंगना रनौत के इस बयान के बाद बवाल खड़ा हो गया था. कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री नसीम खान ने एक्ट्रेस पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग उठाई थी. कंगना के बयाने के बाद मुंबई में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं अलग-अलग जगहों पर विवादित बयान के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था.

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