भोपाल
गुना सड़क हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है इस घटना में जो भी जिम्मेदार है उसे नहीं छोड़ेंगे। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नही हो इसके प्रबंध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज लोक निर्माण और कृषि विभाग की समीक्षा बैठक लेने वाले थे लेकिन गुना में बस के उपर डंपर पलटने से हुए हादसे में यात्रियों की मौत होने की खबर मिलते ही उन्होंने अपनी नियमित बैठकें और कार्यक्रम निरस्त कर दिए है। इसके बाद वे आज गुना पहुंचे और मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात कर उनके हालचाल जाने। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है। प्रशासन इस तरह की घटनाओं को सख्ती से रोकें इसके लिए आवश्यक प्रबंध करेंगे। सड़कों पर इस तरह के जो डेंजर जोन है उनको भी चिन्हित करेंगे।
मुख्यमंत्री पहले ही इस बस दुर्घटना की जांच के आदेश दे चुके है। सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिला प्रशासन को बस दुर्घटना में मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपए और घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की सहायता देने के निर्देश दिए है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसकी समुचित व्यवस्था की जाए।
CM के निर्देश पर जांच दल गठित, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
गुना में हुई भीषण सड़क दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर तरुण राठी ने चार सदस्यीय जांच दल गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। जांच दल में अपर जिला दंडाधिकारी गुना मुकेश शर्मा, अनुविभागीय दंडाधिकारी गुना दिनेश सांवले, उप परिवहन आयुक्त ग्वालियर अरुण कुमार सिंह और सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा गुना प्राणसिंह राय को शामिल किया गया है। यह जांच दल घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं , दुर्घटना के कारण, बस और डंपर की विभिन्न अनुमतियों, आग लगने के कारण की जांच करेंगे। जांच दल इस पूरी घटना के लिए उत्तरदायी विभागों की भूमिका की भी जांच करेगा।

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