भोपाल
प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि म.प्र. सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जाये। जिससे बाल केन्द्रित नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु पंजीयन प्रणाली सार्वभौमिक बाल संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा के लिये एक महत्वपूर्ण आधार है। केन्द्र सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के अनुसार देश के सभी जन्म और मृत्यु को पंजीकृत किया जाना अनिवार्य है। मध्यप्रदेश में जन्म और मृत्यु पंजीकरण सुनिश्चित करने के प्रयासों में नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) की कार्यप्रणाली को समझना महत्वपूर्ण है।
प्रमुख सचिव श्री शुक्ला म.प्र. में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य बाल संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा के लिये सिविल रजिस्ट्रेशन की क्षमता को सुदृढ़ करना है। कार्यशाला में यूनिसेफ की पूजा सिंह और पीयूष एंथनी वर्चुवली शामिल हुए। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों पर भी चर्चा की गई।
इस कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय वर्ग और महिला बाल विकास के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन नियम 2023 पर जनगणना विभाग द्वारा चर्चा की गई। इस अवसर पर आयुक्त योजना एवं सांख्यिकी विभाग श्री ऋषि गर्ग, अध्यक्ष राज्य सांख्यिकी आयोग श्री प्रवीण श्रीवास्तव, आयुक्त जनगणना सुश्री भावना वालिम्बे, अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार सिविल रजिस्ट्रेशन श्री आर.जी. मित्रा एवं सुश्री उर्वशी कौशिक यूनिसेफ नई दिल्ली उपस्थित रहे।

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