इंदौर
वर्ष 2023 की पहली नेशनल लोक अदालत 11 फरवरी शनिवार को आयोजित होगी। लोक अदालत के जरिये मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पुराने प्रकरणों के निपटारे और राजस्व संग्रहण की कोशिश में जुट गई है। बिजली कम्पनी के अनुसार मालवा और निमाड़ यानी उज्जैन और इंदौर संभाग में 44 स्थानों (न्यायालयों) पर लोक अदालत आयोजित होगी।
बिजली कंपनी ने लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों को चिन्हित करने और समाधान के लिए सघन प्रयास के निर्देश दिए हैं। लोक अदालत में प्री लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों की सिविल दायित्व मूल राशि पर तीस फीसदी तक छूट दी जाएगी जबकि ब्याज में शत- प्रतिशत छूट मिलेगी।
बिजली वितरण कंपनी क्षेत्र के 425 जोन, वितरण केंद्रों, कार्यालयों के माध्यम से लोक अदालत की सफलता के लिए तैयारी प्रारंभ की गई है। लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों में समझौता किया जाएगा। प्री लिटिगेशन के माध्यम से निराकरण के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट मिलेगी।
प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व, अपराध शमन राशि एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा।
छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। यदि आवेदक के अन्य कोई कनेक्शन भी है, तो वहां की राशि पूर्ण जमा होना चाहिए। मप्रपक्षेविविकं इंदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने सभी संबंधित अधिकारियों को लोक अदालत की प्रभावी तैयारी एवं अधिकाधिक प्रकरणों के समाधान के लिए पहल के निर्देश दिए हैं।

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