भोपाल.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकाने वाली खबर है. यहां आज भी 2 हजार रुपये के नोट बदले जा रहे हैं. जबकि, केंद्र सरकार साल 2023 में ही इन नोटों को चलन से बाहर कर चुकी है. भोपाल में यह गोरखधंधा भारतीय रिजर्व बैंक के पीछे स्थित राजीव नगर बस्ती में हो रहा है. यहां दो हजार के नोट खत्म ही नहीं हो रहे. ये नोट बदलने के लिए इस बस्ती में बाकायदा संगठित गिरोह काम रहा है. लोग बड़ी संख्या में रोज लाइन में लगकर ये नोट बदलवाते हैं.
संगठित गिरोह के सदस्य लोगों को रोज सुबह 7 से 9 बजे के बीच 2 हजार के दस नोट यानी 20 हजार रुपये देते हैं. इसके बाद ये लोग अपना आधार कार्ड लेकर रिजर्व बैंक जाते हैं. दस नोट बदलवाने की एवज में इन लोगों को 200 रुपये मिलते हैं. इन 20 हजार रुपये के बदले आरबीआई से इन लोगों को 500 रुपये के नोट की शक्ल में 15 हजार रुपये मिलते हैं. बाकी, 5 हजार रुपये 2-2 रुपये के सिक्कों के रूप में दिए जाते हैं.
इतने रुपये रोज बदलवाता है गिरोह
बताया जाता है कि आरबीआई से रुपये मिलने के बाद लोग इन्हें राजीव नगर में स्थित दो दुकानों पर देते हैं. यहां से इन रुपयों को बोरियों में भरकर लोडिंग ऑटो में रखा जाता है. इसके बाद ये लोडिंग ऑटो इन रुपयों को अशोका गार्डन, रेतघात और बैरागढ़ सहित कई इलाको में सप्लाई कर देते हैं. इस तरह बड़े बिजनेसमैन की ब्लैकमनी को वाइट किया जाता है. ये काम करने वाले संगठित गिरोह के सदस्य को रोज 40 लाख रुपये बदलवाने का टारगेट है.
खड़े हुए कई सवाल
गौरतलब है कि, आरबीआई के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे हैं. लेकिन, यह देखने वाला कोई नहीं कि एक ही शख्स रोज नोट बदलवाने आ रहा है. एक ही शख्स का आधार नंबर रोज रजिस्टर में दर्ज हो रहा है. आरबीआई के पास सुरक्षा चौकियां भी हैं. लेकिन, ध्यान देने वाला कोई नहीं. सिक्कों से भरी गाड़ियां दनादन शहर में घूम रही हैं, लेकिन उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं. हैरानी की बात यह है कि आरबीआई का विजिलेंस विभाग भी इससे अंजान है. इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कराएंगे.

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