भोपाल
मध्य प्रदेश में अपराधों की विवेचना में लगे लगभग 25 हजार पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस मुख्यालय जल्दी टैबलेट उपलब्ध कराएगा। टैबलेट खरीदी के लिए बजट दे दिया गया है। एक जुलाई से नए स्वरूप में तीन कानून प्रभावी होने के साथ ही टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन बजट की कमी के चलते खरीदी नहीं हो पा रही थी।
दरअसल, नए कानूनों में 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' के अंतर्गत ई-साक्ष्य को अनिवार्य किया गया है। इसमें विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से लेकर सभी साक्ष्य की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है। अभी पुलिसकर्मी अपने मोबाइल में रिकार्डिंग कर रहे हैं।
अधिकारी बदलते हैं तो वहीं टैबलेट दूसरे को दिया जाएगा
टैबलेट पर्याप्त मैमोरी क्षमता वाले खरीदे जाएंगे। बैटरी क्षमता भी अच्छी होगी। टैबलेट में साक्ष्य संग्रहित होने का लाभ यह भी होगा कि विवेचना अधिकारी बदलते हैं तो वही टैबलेट दूसरे को दे दिया जाएगा। अपने पासवर्ड से विवेचना अधिकारी टैबलेट में 'ई-साक्ष्य' में लॉग इन करेंगे।
सीसीटीएनएस से जोड़ेंगे इसे
इसे सीधा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा जाएगा। टैबलेट की वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीएनएस में पहुंच जाएगी। इसे साक्ष्य के रूप में कोर्ट को भेजा जा सकेगा।
अभी सभी विवेचना अधिकारियों का लॉग इन-पासवर्ड नहीं बन पाने और विवेचना अधिकारियों के दक्ष नहीं होने के कारण सभी जिलों में ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है।
सभी जिलों में एक-दो महीने में लागू होगा
पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी, 2025 तक सभी विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का प्रयास है। साथ ही इसे सभी जिलों में एक-दो माह में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

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