ग्वालियर
ग्वालियर की लोकायुक्त टीम ने भितरवार में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी भितरवार तहसील के गोधारी लुहारी हल्के पर पदस्थ है। आरोपित पटवारी को भितरवार में वार्ड क्रमांक 8 में गुरुद्वारे की दुकानों में अपने आफिस से ही पकड़ा गया है। आरोपित पटवारी उमाशंकर आदिवासी है। लोकायुक्त की टीम मौके प कार्रवाई कर रही है। टीम निरीक्षक कविंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई कर रही है।
ग्वालियर लोकायुक्त एसपी राजेश मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले के ग्राम टीकरी थाना रिठौरा कलां निवासी 35 वर्षीय किसान चंद्रभान सिंह गुर्जर ने एक शिकायती आवेदन ऑफिस में दिया था जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत थी।
ऑनलाइन नामांतरण के बदले मांगी किसान से रिश्वत
आवेदन में चंद्रभान सिंह गुर्जर ने बताया, ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील के ग्राम खडीचा में स्थित उसकी माँ के नाम की 18 बीघा 13 विस्वा कृषि भूमि का ऑनलाइन नामांतरण करवाने के एवज में हल्का पटवारी उमाशंकर आदिवासी 5000 रु प्रति बीघा के हिसाब से कुल 90000 रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन बातचीत करने पर वो 25000 रुपये लेकर नामांतरण करने के लिए तैयार हो गया।
आवेदक की शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और इसका प्रमाण मिलने पर ट्रैप प्लान की, ट्रैप दल द्वारा आज 25 नवम्बर को पटवारी उमाशंकर आदिवासी को तहसील भितरवार के पीछे गुरुद्वारे के पीछे दुकान में बने अपने निजी कार्यालय में आवेदक से 25000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के अन्तर्गत कार्यवाही कर रही है।

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