लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर फॉर्म में नजर आ रहे है। सीएम ने कानून व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। वहीं, सीएम ने छेड़छाड़ करने वालों को भी सबक सिखाने के निर्देश दिए है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
'राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो'
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी निजी कंपनी या व्यक्ति के कार्यक्रम में न जाए और न ही कोई सम्मान ग्रहण करे। उन्होंने छेड़छाड़ करने वालों का चौराहों पर ही उपचार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में लंबित पैमाइश के चलते हत्याएं हो रही हैं। बिना लटकाए और अटकाए राजस्व विभाग में लंबित मामलों का निपटारा हो। अगर इसके बावजूद अगर राजस्व विभाग में ऐसा होता है तो संबंधित अफसरों पर भी आपराधिक साजिश के तहत कार्यवाही होनी चाहिए।
'अराजकता फैलाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी बदमाश को छोड़ा ना जाए और जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया है, उसे वापस ठीक कराने का खर्च उन्हीं उपद्रवियों से वसूला जाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जनता से जुड़े विभागों के अधिकारी तय समय पर जनता से जरूर मिलें और प्रत्येक विभाग में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाए।

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