भोपाल: 27 दिसंबर 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन स्थित में धान उर्पाजन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान और उपार्जित धान का जल्द परिवहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का धान उपार्जित हो चुका है, उनका भुगतान तीन से चार दिनों में कर दिया जाए। इसके अलावा, मौसम को देखते हुए खुले में पड़े धान का शीघ्र परिवहन कर उसे बारिश से बचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि यदि गोडाउन में धान खुले में रखा हो, तो उसे भी जल्दी अंदर रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने सहकारी समितियों को निर्देश दिए कि वे खुले में रखे धान को तिरपाल से ढंक लें और किसानों से आग्रह करें कि वे मौसम साफ होने पर ही अपना धान उपार्जन के लिए लाएं। अगर मौसम खराब रहता है, तो धान उपार्जन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मिलर्स को जल्द से जल्द अपना धान उठाने के निर्देश दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि धान का परिवहन अधिक से अधिक वाहन लगाकर किया जाए और जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त वाहनों को भी अधिग्रहित किया जाए। साथ ही, किसानों से जो धान उपार्जित किया जा रहा है, उसे मिलर्स को ही दिया जाए ताकि मिलिंग की प्रक्रिया में समय और खर्च बच सके। प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने बताया कि इस वर्ष 7.72 लाख किसानों ने धान उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। अब तक 22.86 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जित किया जा चुका है और 1,961 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

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