शाहजहांपुर
अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ने वाली हैं। चेक बाउंस होने के मामले में 29 मई को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने राजपाल को 29 जून तक लगभग 14 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है। आदेश का पालन न होने पर राजपाल यादव को जेल जाना पड़ सकता है। वहीं राजपाल ने इस मामले में फिलहाल प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार कर दिया है।
मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर उद्योगपति माधौगोपाल अग्रवाल ने बताया कि राजपाल यादव ने 2010 में फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए उनसे पांच करोड़ रुपये ब्याज पर लिए थे। ब्याज समेत जब रकम 10 करोड़ पहुंच गई तो उन्होंने वापस करने के लिए कहा। कई बार कहने के बाद राजपाल ने पांच करोड़ रुपये का चेक दिया। यह चेक बैंक में लगाया गया तो बाउंस हो गया। तब कंपनी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मामले में राजपाल को जेल भी जाना पड़ा था। इस मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में 29 मई को सुनवाई हुई। अदालत ने राजपाल यादव को 30 दिन के अंदर लगभग 14 करोड़ की रकम उन्हें देने का आदेश दिया है। माधौगोपाल के मुताबिक अदालत ने रकम न देने की स्थिति में राजपाल को तीन महीने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है। अभी तक उन्हें रकम प्राप्त नहीं हुई है। राजपाल उन्हें सीधे रकम दे सकते हैं या फिर कोर्ट में डिमांड ड्राफ्ट जमा कर सकते हैं। वहीं इस मामले में राजपाल यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि वह अभी इस मामले में बात नहीं करेंगे। समय आने पर वह जवाब देंगे।

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