भोपाल: 17 जनवरी 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, मध्य प्रदेश के मेडिकल अधिकारियों की कौशल बढ़ाने के उद्देश्य से गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) के प्रबंधन पर एम्स भोपाल में दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 16 और 17 जनवरी 2025 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य भर से दो बैचों में 40-40 मेडिकल अधिकारी शामिल हैं। अपने उद्घाटन भाषण में प्रो. सिंह ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह संवेदीकरण कार्यक्रम जन्म से ही गंभीर तीव्र कुपोषण को रोकने में मदद करेगा और हमारे मेडिकल अधिकारियों को कुपोषण से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करेगा।”
तकनीकी सत्रों का नेतृत्व बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिनमें डॉ. भावना ढींगरा, बाल रोग विभाग की प्रोफेसर, और डॉ. प्रिया गोगिया, बाल रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर शामिल थीं। उनके सत्रों में महत्वपूर्ण प्रबंधन प्रोटोकॉल, प्रोटोकॉल-आधारित उपचार रणनीतियों और पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती एसएएम बच्चों के लिए आवश्यकता-आधारित रेफरल प्रक्रिया पर अंतर्दृष्टि प्रदान की गई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. इंद्रेश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, मध्य प्रदेश में एसएएम की वर्तमान स्थिति और राज्य में एसएएम प्रबंधन कार्यक्रमों के परिचालन ढांचे का अवलोकन प्रस्तुत किया। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम बाल रोग विभाग, एम्स भोपाल के अंतर्गत क्षेत्रीय पोषण पुनर्वास संसाधन और प्रशिक्षण उत्कृष्टता केंद्र द्वारा मध्य प्रदेश राज्य स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से समन्वित किया जा रहा है।” ।

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