महासमुंद.
पांच सालों के बाद महासमुंद के जिला जेल में भी आज रक्षा बंधन का पर्व मनाया गया। कोरोना काल 2019 के बाद से जिला जेल में बंद बंदियों के लिए यह पर्व मानों खत्म सा ही हो गया था। लेकिन इस बार विष्णुदेव सरकार के निर्देश के बाद जेल प्रशासन ने बहनों को जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने की अनुमति दी थी।
जेल प्रशासन के अनुमति के बाद महासमुंद जिला जेल में जेल प्रबंधन के द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच रक्षा बंधन के लिए व्यवस्था किये गए थे। नंबर अनुसार क्रमशः बहनों को अपने भाइयों के कलाई में बारी-बारी से राखी बांधने दिया गया। जेल में बन्द कुल 104 बंदियों को उनकी बहनों ने इस बार राखी बांधी। कुल 295 बहनों को जेल के भीतर प्रवेश कराकर राखी बंधवाया गया। कई भाईयों के एक से अधिक बहनों ने राखी बांधी। इस अनमोल घड़ी में जेल में बंद भाई और राखी बांधने आई बहने भावुक दिखाई दिए। और अपने आंशु रोक नहीं पाए। गौरतलब है कि रक्षाबंधन पर्व के लिए सजी हुई थाली, कुमकुम, दिया और मिठाइयों का प्रबंध जेल प्रबंधन की ओर से किया गया था। वर्तमान में जिला जेल महासमुंद में कुल 547 बंदी परिरूध हैं। जिसमें से 291 बंदी अन्य राज्य के है, जिनकी बहने राखी बांधने नही आ पाई। यह पूरा आयोजन शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। बाहरी सुरक्षा हेतु महिला पुलिस बल की व्यवस्था जिला पुलिस बल के द्वारा की गई थी।

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