बेंगलुरु
सेक्स वीडियो पीड़िता के अपहरण के मामले की सुनवाई कर रही विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने पूर्व मंत्री और जेडी(एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है। पिछले दिनों लीक वीडियो में एच.डी. रेवन्ना के बेटे और हासन से सांसद तथा मौजूदा एनडीए उम्मीदवार प्रज्वल रेवन्ना एक महिला का यौन उत्पीड़न करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में पीड़िता के बेटे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के बेटे एच.डी. रेवन्ना के खिलाफ उसकी मां के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसी सिलसिले में ओरोपी विधायक को गिरफ्तार किया गया है।
अदालत ने मंगलवार को एच.डी. रेवन्ना के वकील से पूछा कि जब आरोपी को 8 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है तो वह जमानत याचिका कैसे स्वीकार कर सकती है। जज ने पूछा कि यदि जमानत दे दी जाती है तो पुलिस हिरासत कैसे जारी रहेगी।? अदालत ने सेक्स वीडियो मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से पेश सरकारी वकील से पुलिस हिरासत के दौरान जमानत याचिका स्वीकार करने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा।
आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सी.वी. नागेश ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को अनावश्यक रूप से मामले में घसीटा गया है और उन्हें जमानत दी जानी चाहिये। जज के आपत्ति जताने पर अधिवक्ता नागेश ने कहा कि पुलिस हिरासत में रहते हुए भी जमानत दी जा सकती है। उन्होंने अपने तर्क के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों और कानून के प्रावधानों का उल्लेख किया।
महिला के यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना फरार हैं और इस समय विदेश में बताये जा रहे हैं। कर्नाटक सरकार उनके खिलाप ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कराने का प्रयास कर रही है और इस संबंध में सीबीआई के साथ संपर्क में है। ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने पर इंटरपोल आरोपी के बारे में सूचना एकत्र करेगा जिसमें यह पता लगाना भी शामिल है कि वह कहां हैं। फिलहाल, एसआईटी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है।

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