भोपाल
विधायक निधि की राशि लैप्स होने और जीएसटी लगने के मामले में विधायकों की एक कमेटी सभी तरह के तथ्यों का परीक्षण करेगी और सदन को रिपोर्ट देगी। इसके बाद विधायक निधि की राशि लैप्स होने से बचाने के लिए फैसले लिए जाएंगे। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने विधायक नीना वर्मा के सवाल के बाद विधायकों द्वारा उठाई गई मांग के बाद यह फैसला लिया है और वित्त व वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा से इस मामले में काम करने को कहा है। अध्यक्ष गौतम ने कहा कि तीन मुद्दे हैं जो महत्वपूर्ण हैं। पहला यह कि दस लाख तक के टेंडर ई टेंडर से न हों। दूसरा यह कि राशि लैप्स न हो और तीसरा यह कि काम के लिए स्वीकृत राशि किस्तों में देने के बजाय एकमुस्त दी जाए ताकि लागत बढ़ने से काम प्रभावित नहीं हो।
5 लाख के भुगतान की हो सीधी व्यवस्था
मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इसके लिए व्यवस्था बना रहे हैं। शीघ्र ही समाधान करेंगे तो अध्यक्ष ने कमेटी के गठन की बात कही। विधायक वर्मा ने अपने क्षेत्र की विधायक निधि की राशि लैप्स होने और उसका पुनर्आवंटन नहीं होने से स्वीकृत काम बाधित होने का मसला उठाया था। विधायक यशपाल सिसोदिया ने भी ई टेंडरिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 5 लाख तक का भुगतान सीधे ही किया जा सके, ऐसी कोई व्यवस्था बन जाए।

More Stories
मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव: डीजीपी मकवाणा ने मां अम्बे की आरती कर किया गरबा महोत्सव का शुभारंभ
राजेश कुमार ओगरे ने मऊगंज कलेक्टर का संभाला पदभार, प्रशासनिक व्यवस्था की ली जानकारी
भोपाल मंडल पर तत्काल आरक्षण हेतु टोकन वितरण की नई एवं पारदर्शी व्यवस्था 01 अगस्त 2026 से लागू