शिवपुरी
शिवपुरी जिलाधिकारी ऑफिस में आग लगने के मामले में एक सरकारी कर्मचारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। डीएम ऑफिस में लगी भीषण आग में कई दस्तावेज जल गए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियोंं की पहचान रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगी राहुल सिंह परिहार और जितेंद्र पाल के रूप में हुई है।
पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शिवपुरी में पिछले सप्ताह जिलाधिकारी कार्यालय में आग लगने से कई दस्तावेज जल जाने के मामले में एक सरकारी कर्मचारी और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि को जिलाधिकारी ऑफिस में लगी भीषण आग में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जल गए थे। आग बुझाने के लिए राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) को मौके पर बुलाया गया था।
फाइलों को नष्ट करने के लिए लगाई थी आग
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी ने जिलाधिकारी कार्यालय के भूमि अधिग्रहण अनुभाग में मुआवजे के वितरण में अनियमितताओं से संबंधित फाइलों को नष्ट करने के लिए आग लगा दी थी। उन्होंने बताया कि अनुभाग में काम करने वाले एक ‘कंप्यूटर ऑपरेटर’ ने आग लगाने के लिए दो लोगों को काम पर रखा था। उनके अनुसार सीसीटीवी फुटेज में 17 मई की रात एक बजे और डेढ़ बजे के बीच दो लोग परिसर के अंदर दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि बाद में दोनों की पहचान भूमि अधिग्रहण अनुभाग के ‘कंप्यूटर ऑपरेटर’ रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगी राहुल सिंह परिहार के रूप में हुई।
भूमि अधिग्रहण में 20 लाख रुपये के गबन के संबंध में जांच लंबित
एसपी ने कहा कि परिहार के खिलाफ एक सिंचाई योजना के लिए भूमि अधिग्रहण में 20 लाख रुपये के गबन के संबंध में जांच लंबित है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले ही परिहार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ गबन के आरोप में कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी रूप सिंह परिहार और उसके सहयोगियों राहुल परिहार और जितेंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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