भोपाल
राजधानी में कई महीनों से अटके राजस्व केस अब तेजी से निपटने लगे है। जिले की सभी सात तहसील और नजूल क्षेत्र के अफसर ओवरटाइम करके पेडिंग राजस्व केसों को पूर्ण कर रहे हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की सख्ती और औचक निरीक्षण के कारण अफसरों ने पुराने केसों को निपटाने के काम को तेजी से किया जा रहा है। सात दिन पहले तक जिले में राजस्व केसों की पेडेंसी 9 हजार से अधिक थी, वह अब 5 हजार से नीचे पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल संभाग की समीक्षा में पेडिंग केस पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने तहसील कार्यालयों में निरीक्षण कर अफसरों को तत्काल मामले निपटाने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन के अनुसार पेडिंग केसों को निपटाने के लिए तहसील और नजूल कार्यालयों में देर रात में काम जारी है। एसडीएम से लेकर पटवारी बीते चार दिनों से ओवरटाइम करके पुराने राजस्व केसों का निराकरण कर रहे हैं। सख्ती के कारण चार दिनों में करीब चार हजार केसों का निराकरण कर दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं। ओवरटाइम को लेकर हाल ही में कलेक्टर सिंह ने सोमवार को हुजूर एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण किया था, उस दिन जिले में एक हजार राजस्व प्रकरणों का निराकरण हुआ था।
15 फरवरी तक पेडेंसी खत्म करने का लक्ष्य कलेक्टर जिले में कर रहे लगातार निरीक्षण
जिले में राजस्व महाअभियान चल रहा है। पुराने केस निपटाए जा रहे हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस संबंध में सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस महाअभियान में राजस्व रिकार्ड वाचन, समग्र ई-केवायसी व समग्र से खसरे को लिंक करने का काम 15 फरवरी तक पूरा करें। जिले में अविवादित लंबित प्रकरणों को खत्म करें। कलेक्टर के निर्देश पर हर बड़े अधिकारी अपने कनिष्ठ अधिकारी के पुराने प्रकरणों की रोजाना समीक्षा भी कर रहे हैं। कलेक्टर भी लगातार सरकारी दफ्तरों में औचक निरीक्षण कर समीक्षा कर रहे हैं।

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