गाजीपुर
माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी कई आपराधिक मामलों में फरार चल रही हैं। प्रशासन ने उनके ऊपर इनाम भी घोषित किया है। कयास लगाए जा रहे थे कि वो मुख्तार को दफनाने के समय जरूर पहुंचेंगी, लेकिन वो तब भी नहीं आई। बता दें कि दर्जन मुकदमों के चलते मऊ पुलिस की ओर से अफशां को भगौड़ा तक घोषित किया गया है। मुख्तार के जेल जाने के बाद उसके सारे कामकाज को अफशां ही संभालती रहीं।
ऐसे में मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं अफशां को सलाह देता हूं कि वो आत्मसमर्पण कर दें। या तो कोई और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए कोई रास्ता निकले तो उसे अपना लें। वहीं, अब्बास अंसारी के रिहाई के बारे में अफजाल ने कहा कि पैरोल के लिए हम हाईकोर्ट गए थे, लेकिन उस समय न्यायाधीश कोर्ट में नहीं थे। इसलिए अब्बास को पैरोल नहीं मिल पाई। हम प्रयास करेंगे कि अब्बास की रेगुलर बेल हो। वह जल्द ही बेल पर बाहर आएगा। उन्होंने कहा कि अब्बास के खिलाफ कोई सीरियस मुकदमा नहीं है। मात्र तीन मुकदमे हैं, जिसमें एक हाईकोर्ट में है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन भी डेट लगेगी, मेरिट के आधार पर उसकी बेल करवाने की कोशिश की जाएगी। अब्बास के बारे में बात करते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि वह कासगंज की जेल में बंद है। उसके ऊपर मऊ में चुनाव के दौरान कई सारे मुकदमे दर्ज किए गए, शूटिंग के मामले को लेकर भी अब्बास पर मुकदमे दर्ज हैं। लखनऊ की जमीन और गाजीपुर की किसी जमीन को लेकर भी अब्बास पर मुकदमा लिखवाया गया है। ज्यादातर मामलों में उसकी जमानत हो गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन मामले ऐसे हैं जिसमें उसका एप्लीकेशन हाईकोर्ट में पेंडिंग है।

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