भोपाल: 13 मई 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में आर्थोपेडिक्स विभाग में अब इन-हाउस 3-डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत की गई है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हाल ही में इस तकनीक का उपयोग करते हुए एक डिस्टल फीमर मैलयून (Distal Femur Malunion) के जटिल मामले का सफलतापूर्वक सर्जिकल सुधार किया गया। इस प्रक्रिया के लिए रोगी-विशिष्ट 3-डी प्रिंटेड कटिंग गाइड का निर्माण एम्स भोपाल में ही किया गया, और यह पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान किया गया, जिससे मरीज पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। 3-डी प्रिंटिंग तकनीक की मदद से हड्डियों की सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बनती है। यह मरीजों को उनकी विशेष शारीरिक संरचना के अनुसार कस्टमाइज्ड उपचार उपलब्ध कराती है, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में बेहतर परिणाम देती है। इस तकनीक का उपयोग भविष्य में कई अन्य जटिल मामलों में भी किया जाएगा। इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा, “एम्स भोपाल में इन-हाउस 3-डी प्रिंटिंग सुविधा की शुरुआत चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ी प्रगति है। यह तकनीक हमें हर मरीज के लिए व्यक्तिगत और सटीक उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई जा रही है, जो हमारे ‘पेशेंट फर्स्ट’ दृष्टिकोण को दर्शाती है।”

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