भोपाल: 26 मई 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में, विश्व आपातकालीन चिकित्सा दिवस के अवसर पर 27 मई 2025 को एम्स भोपाल के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “प्राउड टू प्रोवाइड योर इमर्जेंसी केयर” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों एवं प्रथम प्रतिक्रिया देने वालों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक कौशल से सशक्त बनाना है। इस विशेष पहल के अंतर्गत भोपाल शहर के लगभग 50 रैपिडो कैप्टेन्स (रेंटल बाइक राइडर्स) को प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) एवं सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation – CPR) का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने में सक्षम हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव सत्रों और डेमो के माध्यम से जीवन रक्षक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन ट्रॉमा एवं इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. युनुस के देख-रेख में किया जा रहा है, जबकि प्रशिक्षण का संचालन डॉ. भूपेश्वरी पटेल, डॉ. रश्मि वर्मा तथा विभाग के अन्य अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा।
इस मौके पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “आपातकालीन चिकित्सा केवल अस्पतालों और एम्बुलेंस तक सीमित नहीं है। हर नागरिक, विशेष रूप से रैपिडो कैप्टेन्स, जो यातायात में अधिक समय व्यतीत करते हैं, जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हम एक ज़िम्मेदार नागरिक समाज का निर्माण कर रहे हैं। एम्स भोपाल को ऐसे प्रयासों का नेतृत्व करते हुए गर्व महसूस हो रहा है जो चिकित्सा विशेषज्ञता को जनसामान्य की भागीदारी से जोड़ते हैं।” यह सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल शहर भर में प्रशिक्षित प्रथम सहायता दाताओं का नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि यह नागरिकों को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करेगा, जिससे कई अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।

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