भोपाल: 23 जून 2025
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के नेतृत्व में संस्थान ने आईआईआरएफ विश्वविद्यालय रैंकिंग 2025 में “अनौद्योगिकीय एवं गैर-तकनीकी” श्रेणी में शोध उत्कृष्टता के लिए देशभर में 31वां स्थान प्राप्त किया है। एम्स भोपाल को मध्यप्रदेश में आईआईएसईआर भोपाल के बाद दूसरा स्थान मिला है तथा सभी नवस्थापित एम्स संस्थानों में यह शीर्ष पर रहा है। यह सम्मान एम्स भोपाल की अकादमिक उत्कृष्टता, उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के प्रति सतत प्रयासों का प्रमाण है। इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रणाली है, जो केंद्रीय, डीम्ड एवं निजी विश्वविद्यालयों का पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित पद्धति से मूल्यांकन करती है। यह प्रणाली कुल 17 उपश्रेणियों में संस्थानों का आंकलन करती है, जिनमें शोध, अकादमिक गुणवत्ता एवं सामाजिक प्रभाव को विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा, “यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक ट्रांसलेशनल रिसर्च और संवेदनशील चिकित्सीय सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मैं हमारे समर्पित फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों को हार्दिक बधाई देता हूँ, जिनकी निष्ठा और परिश्रम से यह मुकाम हासिल हुआ है।” एम्स भोपाल की नवाचार आधारित शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग जगत के साथ रणनीतिक सहयोग, और छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति इस उपलब्धि के प्रमुख आधार रहे हैं। यह रैंक सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि संस्थान मेडिकल शिक्षा और शोध में राष्ट्रीय नेतृत्व की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। संस्थान इस मान्यता के लिए IIRF का आभार व्यक्त करता है और चिकित्सा शिक्षा, ट्रांसलेशनल एवं मरीज-केन्द्रित अनुसंधान तथा जनस्वास्थ्य सेवा में उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।

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