August 11, 2026

एम्स भोपाल के डॉ. सुखेश मुखर्जी ने पैरामेडिकल और डेंटल छात्रों के लिए दो बायोकैमिस्ट्री पाठ्यपुस्तकों की रचना की

भोपाल: 01 जनवरी 2025

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। प्रो. सिंह से प्रेरित होकर संकाय सदस्य विभन्न शोध कार्यों में असाधारण प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में, एम्स भोपाल के अतिरिक्त प्रोफेसर, डॉ. सुखेस मुखर्जी ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके द्वारा लिखित दो प्रमुख पाठ्यपुस्तकें पैरामेडिकल और डेंटल विज्ञान के छात्रों के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित हो रही हैं। ये पुस्तकें जेपी ब्रदर्स मेडिकल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित की गयी हैं।

उनकी पहली पुस्तक, “पैरामेडिकल छात्रों के लिए बायोकैमिस्ट्री की संक्षिप्त पाठ्यपुस्तक” (तीसरा संस्करण), खासकर बीपीटी, बीफार्मा और एमएलटी के विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन की गई है। यह पुस्तक बायोकैमिस्ट्री जैसे जटिल विषय को सरल तरीके से समझाने में मदद करती है। इसमें बायोकैमिकल जानकारी को तालिकाओं और चित्रों के जरिए स्पष्ट किया गया है, और व्यावहारिक चिकित्सा संदर्भ जोड़ने के लिए क्लिनिकल उदाहरण भी दिए गए हैं। उनकी दूसरी पुस्तक, “डेंटल छात्रों के लिए बायोकैमिस्ट्री की पाठ्यपुस्तक” (पाँचवां संस्करण), डेंटल छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, जिसमें दंत चिकित्सा से जुड़े बायोकैमिस्ट्री के महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह पुस्तक डेंटल छात्रों को चयापचय, जीवविज्ञान और क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री को समझने और अपने अभ्यास में इनका उपयोग करने में मदद करती है। इन दोनों पुस्तकों में नवीनतम शैक्षिक दृष्टिकोण शामिल हैं, जो छात्रों को उनके पाठ्यक्रम में सफलता प्राप्त करने में सहायक होंगे।

प्रो. सिंह ने डॉ. सुखेस मुखर्जी के कार्य की सराहना करते हुए कहा, “डॉ. मुखर्जी की ये पुस्तकें शैक्षिक उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से पैरामेडिकल और डेंटल छात्रों को बायोकैमिस्ट्री के जटिल सिद्धांतों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझने का एक बेहतर अवसर मिलेगा।”

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